भारत से 40 हजार मीट्रिक टन डीजल संकटग्रस्त श्रीलंका पहुंचा

भारत ने पेट्रोलियम उतपादों की खरीद के लिए 50 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता की फरवरी में घोषणा के बाद श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने के लिए हाल ही में एक अरब डॉलर की ऋण सहायता की घोषणा की थी।

कोलंबो|  विदेशी मुद्रा की तंगी से गुजरने के कारण अभूतपूर्व आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहे श्रीलंका की जरूरतों की पूर्ति के लिए भारत से 40 हजार मीट्रिक टन डीजल की एक खेप शनिवार को यहां पहुंची। भारत की ओर से इस तरह की यह चौथी सहायता है।

श्रीलंका में बृहस्पतिवार को 13 घंटे तक बिजली की कटौती की गयी, जो 1996 में बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान 72 घंटों की कटौती के बाद दूसरी सर्वाधिक लंबी बिजली कटौती है।
सरकारी ईंधन इकाई सीलॉन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय डीजल आपूर्ति से देश में जारी बिजली कटौती में थोड़ी राहत मिलेगी।

भारतीय उच्चायोग ने यहां ट्वीट किया, ‘‘भारत की ओर से श्रीलंका को और ईंधन की आपूर्ति की गयी। पचास करोड़ डॉलर की ऋण सहायता के जरिये भारतीय सहयोग के अंतर्गत चालीस हजार मीट्रिक टन डीजल की एक खेप कोलंबो में आज ऊर्जा मंत्री जेमिनी लोकुज को सौंप दी गयी।’’
भारत ने पेट्रोलियम उतपादों की खरीद के लिए 50 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता की फरवरी में घोषणा के बाद श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने के लिए हाल ही में एक अरब डॉलर की ऋण सहायता की घोषणा की थी।

उच्चायोग ने लिखा, ‘‘ऋण सहायता के तहत यह चौथी खेप है। पिछले पचास दिनों में भारतीय कुओं से श्रीलंका के लोगों तक दो लाख टन ईंधन की आपूर्ति की गयी।’’
श्रीलंका फिलहाल इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है।

ईंधन, रसोई गैस के लिए लंबी कतारें, आवश्यक वस्तुओं की कम आपूर्ति और बिजली की लंबी कटौती के कारण श्रीलंका में अशांति पैदा हो गयी है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।